द्रौपदी ने मांगा था ऐसा वरदान, 5 की जगह होते 14 पति!

द्रौपदी पांचों पांडवों की रानी थी. वह खूबसूरत और उदार थीं लेकिन द्रौपदी की पहचान एक साहसी स्त्री के तौर पर ज्यादा की जाती है. वह एक ऐसी महिला थी जो अन्याय और अत्याचार सहकर चुप नहीं रह सकती थी. द्रौपदी के बारे में कई ऐसी बातें हैं जो शायद आपको नहीं पता होंगी, आइए जानते हैं द्रौपदी के बारे में ये बातें… द्रौपदी संयोग से पांचों पांडवों की पत्नी नहीं बनी थीं बल्कि सब कुछ पूर्व निर्धारित था. श्रीकृष्ण ने द्रौपदी को बताया कि पूर्व जन्म में उसने मनभावन वर की प्राप्ति हेतु शिव की आराधना की थी. पूर्व जन्म में द्रौपदी ने 14 गुणों वाले वर की कामना की थी. भगवान शिव ने उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर उसे वरदान तो दे दिया लेकिन…

भगवान शिव ने द्रौपदी को बताया कि किसी एक इंसान में इतने सारे गुण एक साथ होना संभव नहीं है. लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रहीं और भगवान शिव से 14 गुणों वाले वर का वरदान देने के लिए कहा. तब भगवान शिव ने वरदान दिया कि उसे अगले जन्म में 14 पतियों के रूप में मनचाहा वरदान मिल जाएगा. द्रौपदी पूर्व जन्म में नल और दमयंती की पुत्री नलयनी थी.